पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो विवाद में नया मोड़ आ गया है। गुरुग्राम पुलिस ने एक मामला दर्ज कर आरोप लगाया है कि वीडियो को फर्जी और छेड़छाड़ किया हुआ साबित करने के लिए कथित रूप से एक मनगढ़ंत फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने की कोशिश की गई।
पुलिस ने इस मामले में अंकित और अरुण नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। दोनों का नाम प्राथमिकी (एफआईआर) में दर्ज है और उन्हें अदालत में पेश किया जाना है।
एफआईआर में पंजाब सरकार के दो अधिकारियों, जिनमें एक डीआईजी और एक एसपी रैंक के अधिकारी शामिल बताए गए हैं, का भी उल्लेख है। आरोपों पर अभी किसी न्यायालय द्वारा अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
फोरेंसिक विशेषज्ञ की शिकायत पर मामला दर्ज
यह मामला फोरेंसिक विशेषज्ञ जसप्रीत सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया।
एफआईआर के अनुसार, जसप्रीत ने आरोप लगाया कि उनसे विवादित वीडियो के संबंध में एक फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया था। शिकायत में दावा किया गया है कि रिपोर्ट तैयार करने के दौरान उन पर दबाव था और बाद में उन्हें उसके संभावित उपयोग की जानकारी मिली।
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पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में लिखित बयान भी दिया है।
रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर आरोप
शिकायत के मुताबिक, जसप्रीत ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए अंकित और अरुण नामक दो साइबर विशेषज्ञों की सहायता ली थी।
जांच एजेंसियां उन आरोपों की जांच कर रही हैं जिनमें कहा गया है कि रिपोर्ट के कई प्रारूप तैयार किए गए और उनमें लगातार संशोधन किए गए।
पुलिस कथित बैठकों और डिजिटल संचार से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।
कथित नकद भुगतान की जांच
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि रिपोर्ट तैयार कराने के संबंध में ₹10 लाख नकद दिए गए।
जांचकर्ताओं के अनुसार, शिकायत में उल्लिखित बैंक लेनदेन, ऑनलाइन भुगतान और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण जारी है।
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राजनीतिक विवाद बरकरार
यह मामला उस समय सामने आया है जब वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
आम आदमी पार्टी (AAP) का कहना है कि स्वतंत्र फोरेंसिक जांचों में वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति और भगवंत मान के बीच कोई मेल नहीं पाया गया।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि वीडियो राजनीतिक उद्देश्य से प्रसारित किया गया और मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास किया गया।
जांच जारी
गुरुग्राम पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, आगे और बयान दर्ज किए जाएंगे तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।