आव्रजन नीति में बड़ा विस्तार
संयुक्त राज्य अमेरिका 1 जनवरी 2026 से एक व्यापक यात्रा प्रतिबंध लागू करेगा, जिसे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के तहत विस्तार दिया गया है। इस नीति के तहत 39 देशों पर पूर्ण या आंशिक प्रवेश प्रतिबंध लगाए गए हैं।
यह आदेश जून 2025 में लागू किए गए प्रतिबंधों का विस्तार है और इसे ट्रंप प्रशासन की अब तक की सबसे सख्त आव्रजन कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
आतंकवाद से आगे बढ़ते कारण
इस बार प्रतिबंध केवल आतंकवाद तक सीमित नहीं हैं। प्रशासन ने कमजोर पहचान सत्यापन, अविश्वसनीय दस्तावेज़ प्रणाली, जानकारी साझा करने में विफलता, उच्च वीज़ा ओवरस्टे दर, निर्वासन से इनकार, भ्रष्टाचार और नागरिकता-के-बदले-निवेश (CBI) योजनाओं को प्रमुख जोखिम बताया है।
ट्रंप ने कहा कि जिन देशों में स्क्रीनिंग और वेटिंग की गंभीर कमियां हैं, वहां से यात्रियों को अनुमति देना अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा है।
पूर्ण और आंशिक प्रतिबंध वाले देश
पूर्ण प्रतिबंध अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन पर लागू रहेंगे।
बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला पर आंशिक प्रतिबंध जारी रहेंगे।
नई सूची में बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को पूर्ण प्रतिबंध में जोड़ा गया है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी दस्तावेज़ों पर यात्रा करने वालों को भी प्रतिबंधित किया गया है।
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लाओस और सिएरा लियोन को आंशिक से पूर्ण प्रतिबंध श्रेणी में डाला गया है। वहीं, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, जाम्बिया और ज़िम्बाब्वे सहित 15 देशों पर नए आंशिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
वीज़ा ओवरस्टे और दस्तावेज़ी जोखिम
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कई देशों में पर्यटक और छात्र वीज़ा श्रेणियों में 20–35 प्रतिशत से अधिक ओवरस्टे दर दर्ज की गई है। इसके अलावा, हस्तलिखित या असुरक्षित जन्म प्रमाणपत्रों और पहचान दस्तावेज़ों को भी खतरे के रूप में चिन्हित किया गया है।
छूट और अपवाद
यह प्रतिबंध ग्रीन कार्ड धारकों, वैध वीज़ा रखने वालों, राजनयिकों, अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों, प्रमुख खेल आयोजनों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और कुछ विशेष वीज़ा श्रेणियों पर लागू नहीं होगा। राष्ट्रीय हित में मामले-दर-मामले छूट भी दी जा सकती है।
व्यापक आव्रजन सख्ती का हिस्सा
प्रशासन ने कहा कि यह नीति सुरक्षा के साथ-साथ देशों पर सुधार के लिए दबाव बनाने का माध्यम है। हर 180 दिन में इसकी समीक्षा की जाएगी।
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यह कदम हालिया सुरक्षा घटनाओं—वॉशिंगटन डीसी में गोलीबारी और सीरिया में इस्लामिक स्टेट हमले—के बाद उठाया गया है।
आगे क्या होगा
नया यात्रा प्रतिबंध 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। मौजूदा वीज़ा रद्द नहीं किए जाएंगे और पहले से स्वीकृत शरणार्थियों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। अमेरिकी एजेंसियां इसके क्रियान्वयन और प्रभावित देशों के साथ बातचीत जारी रखेंगी।