व्हाइट हाउस ने गुरुवार को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका दक्षिण अफ्रीका में होने वाली G20 शिखर वार्ता में आधिकारिक चर्चाओं में हिस्सा नहीं लेगा। इसके बजाय, जोहान्सबर्ग में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन के समापन हैंडओवर समारोह में अमेरिकी दूतावास का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लिविट ने कहा कि यह निर्णय दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ की गई टिप्पणियों के बाद लिया गया।
उन्होंने कहा, “दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने अमेरिका और राष्ट्रपति के खिलाफ जो भाषा इस्तेमाल की, वह स्वीकार्य नहीं है।”
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रामाफोसा की प्रतिक्रिया—‘बायकॉट राजनीति काम नहीं करती’
रामाफोसा ने कहा कि अमेरिका ने पहले पूर्ण बहिष्कार की बात कही थी, लेकिन “ग्यारहवें घंटे में” अपना रुख बदल दिया।
उन्होंने कहा, “बायकॉट की राजनीति काम नहीं करती… बाहर रहने से बेहतर है कि आप तंबू के अंदर रहें।”
ट्रंप ने पहले किया था पूर्ण बहिष्कार का ऐलान
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि G20 बैठक में कोई भी अमेरिकी अधिकारी शामिल नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका पर श्वेत अफ्रीकानर किसानों के खिलाफ “हिंसक उत्पीड़न” का आरोप लगाया था—जिसे दक्षिण अफ्रीका ने सिरे से खारिज किया है।
रामाफोसा ने पहले कहा था कि अमेरिकी बहिष्कार से उन्हें शिखर सम्मेलन में “खाली कुर्सी” को सत्ता हस्तांतरित करनी पड़ेगी।
गुरुवार को उन्होंने सीमित स्तर पर ही सही, अमेरिकी हिस्सेदारी को “सकारात्मक संकेत” बताया।
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‘अमेरिका यहां उपस्थित होने का अधिकार रखता है’
रामाफोसा ने कहा कि अमेरिका G20 का मूल सदस्य है, इसलिए वह भाग लेने का पूर्ण अधिकार रखता है:
“हम सिर्फ उनकी भागीदारी के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।”