रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की है कि रूस ने अपने पोसाइडन परमाणु-संचालित स्वायत्त टॉरपीडो का सफल परीक्षण किया है। उन्होंने इसे “विशाल सफलता” और रूस की रक्षा तकनीक में “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया।
मास्को के एक अस्पताल में घायल रूसी सैनिकों से मुलाकात के दौरान पुतिन ने कहा कि मंगलवार को हुए इस परीक्षण में पहली बार पोसाइडन को पनडुब्बी से लॉन्च कर उसके परमाणु ऊर्जा इंजन को सफलतापूर्वक सक्रिय किया गया। उन्होंने कहा, “ऐसा कोई हथियार दुनिया में नहीं है।”
पुतिन के अनुसार, पोसाइडन की शक्ति रूस की सबसे उन्नत ‘सारमत’ अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) — जिसे नाटो Satan II के नाम से जानता है — से भी कहीं अधिक है।
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रूस की बढ़ती परमाणु शक्ति
यह परीक्षण उस समय हुआ जब रूस ने हाल ही में बुरेवस्तनिक परमाणु-संचालित क्रूज़ मिसाइल के सफल परीक्षण की भी घोषणा की थी, जो कथित तौर पर किसी भी मिसाइल रक्षा प्रणाली को मात दे सकती है।
पुतिन ने 2018 में पोसाइडन और बुरेवस्तनिक दोनों हथियारों का अनावरण किया था, जिन्हें उन्होंने अमेरिका द्वारा 1972 की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल संधि से बाहर निकलने और नाटो के विस्तार के जवाब में विकसित बताया था।
क्या है पोसाइडन?
पोसाइडन, जिसे Status-6 या नाटो के नाम से Kanyon कहा जाता है, एक परमाणु-संचालित और परमाणु-सक्षम मानव रहित पानी के नीचे वाहन (UUV) है। इसे “सुपर टॉरपीडो” भी कहा जाता है, जो अत्यधिक गहराई और लंबी दूरी तक बिना रोके यात्रा कर सकता है।
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रूसी मीडिया के अनुसार, यह एक विशाल परमाणु वारहेड ले जा सकता है जो रेडियोधर्मी सुनामी उत्पन्न कर तटीय क्षेत्रों को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। इसे K-329 Belgorod जैसी विशेष पनडुब्बियों से लॉन्च किया जाता है और इसका नाभिकीय रिएक्टर लगभग असीमित रेंज प्रदान करता है।
रणनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि पोसाइडन रूस की नई परमाणु प्रतिरोधक रणनीति का हिस्सा है — एक ऐसा हथियार जो यह सुनिश्चित करता है कि अगर पारंपरिक मिसाइल प्रणाली विफल भी हो जाए, तो रूस प्रत्याक्रमण करने में सक्षम रहेगा।