तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू–वजीरिस्तान मार्ग पर अपने प्रभाव को और मजबूत कर लिया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आतंकियों को मुख्य सड़कों पर वाहनों की तलाशी लेते और पहचान पत्र जांचते देखा गया है।
राज्य नियंत्रण में गिरावट
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, 2021 के बाद से टीटीपी ने सीमा क्षेत्रों में प्रशासनिक कमजोरियों का फायदा उठाया है। हाल के महीनों में कई हमले और घात लगाकर किए गए हमले यह दर्शाते हैं कि संगठन फिर सक्रिय हो गया है।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, आतंकियों की धमकियों के बाद कुछ निचले स्तर के सुरक्षाकर्मी अपनी चौकियां छोड़कर चले गए, जिससे उग्रवादियों को जिलों में स्वतंत्र रूप से घूमने और धन वसूली करने का अवसर मिला।
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सरकार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
पाकिस्तानी सेना ने अब तक इस पर विस्तृत बयान नहीं दिया है। हालांकि, पहले किए गए सैन्य अभियान — जिनमें हवाई हमले और खुफिया कार्रवाइयाँ शामिल थीं — संगठन को निर्णायक रूप से खत्म नहीं कर पाए। सूत्रों का कहना है कि सरकार अब नए सिरे से सुरक्षा कदमों पर विचार कर रही है।
प्रचार और नागरिकों पर असर
विश्लेषकों के अनुसार, भारी हथियारों और चेकपोस्टों का खुला प्रदर्शन आतंक फैलाने और राज्य की शक्ति को चुनौती देने की रणनीति है।
इन इलाकों के नागरिकों को आवाजाही पर प्रतिबंध, व्यापारिक रुकावटों और सुरक्षा बलों व आतंकियों के बीच बढ़ती झड़पों का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थिति बनी हुई अस्थिर
फिलहाल बन्नू की स्थिति तनावपूर्ण और अस्थिर बनी हुई है। स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि सीमित है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी शांति बहाल करने के लिए सैन्य कार्रवाई के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक सुधार भी आवश्यक हैं।