विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कनाडा में आयोजित जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष और हाल के वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की।
यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने लिखा, “जी7 एफएमएम आउटरीच सत्र के दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री @andrii_sybiha से उपयोगी बातचीत हुई। उन्होंने हालिया घटनाक्रमों पर यूक्रेन का दृष्टिकोण साझा किया।”
यह बैठक भारत की व्यापक राजनयिक सहभागिता का हिस्सा थी।
भारत ने समुद्री सुरक्षा और सहयोग पर दिया जोर
जयशंकर ने मैरिटाइम सिक्योरिटी एंड प्रॉस्पेरिटी विषय पर जी7 आउटरीच सत्र में भाग लिया, जिसमें उन्होंने भारत की “महासागर दृष्टि” (MAHASAGAR Outlook), इंडो-पैसिफिक सहयोग और बंदरगाह-आधारित विकास पहलों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक समुद्री और अंडरसी इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
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अमेरिकी विदेश मंत्री समेत कई नेताओं से मुलाकात
जयशंकर ने जी7 बैठक के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज सुबह #G7 FMM में @SecRubio से मिलकर खुशी हुई। दिल्ली विस्फोट में जान गंवाने वालों के प्रति उनकी संवेदनाओं की सराहना करता हूं।”
दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। इसके अलावा, यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति और इंडो-पैसिफिक पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मंगलवार को जयशंकर ने कनाडा, मैक्सिको, फ्रांस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
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जी7 में आमंत्रित साझेदार के रूप में भारत की भागीदारी
भारत ने कनाडा की अध्यक्षता में जी7 बैठक में आमंत्रित साझेदार के रूप में भाग लिया, जिसमें ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया भी शामिल थे।
यह दो दिवसीय सम्मेलन वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक लचीलापन, ऊर्जा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित था।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर की यात्रा भारत की “अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ निरंतर प्रतिबद्धता” को दर्शाती है।