ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी देते हुए “धोखेबाज़ कार्रवाइयों” और “गद्दार सहयोगियों” पर निर्भरता खत्म करने को कहा।
सोशल मीडिया मंच X पर जारी बयान में खामेनेई ने कहा कि देशभर में हुई सरकारी समर्थक रैलियां विदेशी दबाव के खिलाफ ईरानी जनता की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती हैं।
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व्हाइट हाउस: सैन्य विकल्प अब भी मौजूद
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब व्हाइट हाउस ने कहा कि सैन्य विकल्पों पर विचार जारी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप सभी विकल्प खुले रखते हैं, जिनमें संभावित हवाई हमले भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की रिपोर्टें गंभीर चिंता का विषय हैं।
प्रदर्शनकारियों की मौत पर ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने एक दिन पहले कहा था कि प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद ईरान ने एक “रेड लाइन” पार कर ली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना “कड़े विकल्पों” पर विचार कर रही है, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तेहरान ने बातचीत के संकेत दिए हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच संपर्क का एक चैनल खुला हुआ है।
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अशांति, दमन और सरकारी रैलियां
ईरान हाल के वर्षों की सबसे बड़ी अशांति का सामना कर रहा है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, कार्रवाई में अब तक 648 से अधिक लोगों की मौत, हजारों के घायल होने और लगभग 10,000 गिरफ्तारियों की सूचना है।
सरकार ने अशांति के लिए विदेशी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया है और इंटरनेट प्रतिबंध लगाए हैं। सोमवार को देशभर में सरकार समर्थक रैलियां आयोजित की गईं, जहां अधिकारियों ने आंदोलन को विफल घोषित किया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यूरोपीय संघ ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिया है और अतिरिक्त प्रतिबंधों पर विचार की बात कही है। फ्रांस ने हिंसा की निंदा की, जबकि रूस ने ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप की आलोचना की।
हालांकि सरकार शांति लौटने का दावा कर रही है, लेकिन कई शहरों में विरोध जारी है और अधिकार समूहों का कहना है कि वास्तविक मृतकों की संख्या अधिक हो सकती है।