दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डन्स टेस्ट में टीम इंडिया की करारी हार के बाद यह प्रश्न जोर पकड़ रहा है कि क्या टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर घरेलू पिचों की प्रकृति पर एकमत हैं।
गिल का रुख: बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को मदद करने वाली पिचें
वेस्टइंडीज सीरीज़ से पहले गिल ने कहा था कि भारत अब रैंक टर्नर नहीं बनाएगा और “ऐसी पिचों पर खेलेगा जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अवसर प्रदान करें।”
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ईडन की पिच ने दावे को उलट दिया
कोलकाता की पिच ने गिल के बयान के उलट काम किया—
- पहले दिन से टूटने के संकेत
- तीन दिनों के अंदर ही टेस्ट समाप्त
- कुल 38 विकेट गिरे
- स्पिनरों ने 22, तेज गेंदबाजों ने 16 विकेट लिए
भारत 124 रन का लक्ष्य भी नहीं पीछा कर सका और 30 रन से हार गया। यह 15 साल बाद ईडन में दक्षिण अफ्रीका की पहली जीत रही।
गंभीर का बचाव: ‘यही पिच हम चाहते थे’
गंभीर ने पिच का बचाव किया और हार की जिम्मेदारी बल्लेबाजों पर डाली।
उन्होंने कहा:
“अगर हम जीत जाते, तो पिच की चर्चा ही नहीं होती।”
हालाँकि कई डिलीवरी खतरनाक रूप से उछलीं, जिससे KL राहुल और एडेन मार्करम जैसे बल्लेबाज हैरान रह गए।
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दिग्गजों की कड़ी आलोचना
चेतेश्वर पुजारा, हरभजन सिंह और डेल स्टेन सहित कई पूर्व खिलाड़ियों ने पिच को ‘टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं’ बताया।
घरेलू वर्चस्व पर संकट के बादल
भारत अब अपने पिछले छह घरेलू टेस्ट में से चार हार चुका है, जिससे यह साफ है कि घरेलू वर्चस्व का दौर कमजोर पड़ रहा है।