लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने राजनीति में आने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें टिकट की पेशकश की जाती है, तो वे “निश्चित रूप से विचार करेंगी” और बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं।
न्यूज़18 से बातचीत में 25 वर्षीय ठाकुर ने कहा कि पहले उन्हें राजनीति में आने को लेकर झिझक थी, लेकिन अब वे जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं।
“अच्छा लगता है कि लोग मुझे क्षेत्र के विकास में योगदान देने योग्य मान रहे हैं। अभी कुछ तय नहीं हुआ है, लेकिन कार्यक्रम के तहत मैं कई नेताओं से मिल रही हूं,” उन्होंने कहा।
हाल ही में ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े से मुलाकात की, जिसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
नित्यानंद राय से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा,
“नित्यानंद राय जी से मिलना अच्छा लगा और लगा कि यह सही समय है। अगर उनकी ओर से कोई प्रस्ताव आता है, तो मुझे स्वीकार करना चाहिए। सब कुछ राम की इच्छा से हो रहा है।”
मैथिली ठाकुर ने इशारा किया कि अगर वे राजनीति में आती हैं, तो वे अपने गृह क्षेत्र मधुबनी जिले के बेनीपट्टी से चुनाव लड़ना पसंद करेंगी।
“वहीं से शुरुआत करने से मुझे लोगों से जुड़ने और बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा,” उन्होंने कहा।
बेनीपट्टी विधानसभा सीट वर्तमान में भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद नारायण झा के पास है, जिन्होंने 2020 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार भावना झा को 30,000 से अधिक वोटों से हराया था। यह सीट ब्राह्मण बहुल क्षेत्र मानी जाती है।
भाजपा नेताओं के साथ हुई चर्चाओं में ठाकुर ने बताया कि बातचीत बिहार के विकास और भविष्य की प्राथमिकताओं पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि वे देश के विकास में “हर संभव तरीके से योगदान देने” को तैयार हैं।
बेनीपट्टी में जन्मी मैथिली ठाकुर संगीतकार परिवार से आती हैं। उनके पिता प्रसिद्ध मैथिली संगीतकार हैं और उन्होंने 11 वर्ष की आयु से संगीत की शिक्षा शुरू की। भक्ति और लोकसंगीत में अपने योगदान से मैथिली आज बिहार की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख चेहरा बन चुकी हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे — 6 नवंबर और 11 नवंबर, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।