केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सिथारमण ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के कोलाथूर विधानसभा क्षेत्र में करीब 4,379 फर्जी और डुप्लीकेट मतदाता पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) का उद्देश्य ऐसे फर्जी नामों को हटाना है।
मतदाता सूची में फर्जी नाम और झूठे पते
कोयंबटूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिथारमण ने कई उदाहरण प्रस्तुत किए।
उन्होंने कहा कि बूथ संख्या 157 में रफिउल्लाह नामक व्यक्ति का नाम तीन बार अलग-अलग EPIC नंबर के साथ दर्ज है।
सिथारमण ने बताया कि:
- 30 मतदाता पहचान पत्र एक ही पते (मकान संख्या 11, बूथ 84) पर दर्ज हैं।
- 62 मतदाता विभिन्न धर्मों और जातियों के एक ही पते (मकान संख्या 20, बूथ 187) पर सूचीबद्ध हैं।
- 80 मतदाता एक ही घर (मकान संख्या 10, बूथ 140) पर दर्ज हैं।
उन्होंने कहा, “इन मतदाताओं का वास्तविक पता अलग है। कुल 5,964 ऐसे घर हैं जहां असंबंधित लोग एक ही पते पर दर्ज हैं।”
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डीएमके के विरोध पर सिथारमण का सवाल
मुख्यमंत्री स्टालिन द्वारा SIR को “षड्यंत्र” कहने पर सिथारमण ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को संविधान द्वारा हर चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण करने का अधिकार है।
उन्होंने पूछा, “डीएमके ने पहले 13 बार हुए पुनरीक्षण पर कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई?”
सिथारमण ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार अपने प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए यह मुद्दा उठा रही है।
उन्होंने कहा, “जब भी बीजेपी या विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, डीएमके ईवीएम और केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठाने लगती है।”
“किसी का मताधिकार नहीं छीना जाएगा” — सिथारमण
सिथारमण ने स्पष्ट किया कि किसी वैध मतदाता का अधिकार नहीं छीना जाएगा, लेकिन जिनके दस्तावेज़ गलत या अधूरे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीएमके नेता अंबुमणि रामदास का आरोप
इसी बीच, पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने दावा किया कि डीएमके कार्यकर्ता मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में अवैध रूप से दखल दे रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बूथ-स्तरीय अधिकारियों की जगह डीएमके की आईटी और युवा शाखा के सदस्य घर-घर जाकर मतदाता फार्म केवल अपने समर्थकों से भरवा रहे हैं।
रामदास ने चुनाव आयोग से मांग की कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अन्य राज्यों के आईएएस अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किए जाएं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।