बिहार के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में नीतीश कुमार ने गुरुवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका रिकॉर्ड 10वां कार्यकाल है। पिछले सप्ताह हुए विधानसभा चुनावों में NDA को प्रचंड बहुमत मिला था, जिसमें जदयू ने 85 सीटें और गठबंधन ने कुल 202 सीटें जीतीं।
PM मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह NDA की ताकत के प्रदर्शन का मंच भी बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई भाजपा-शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और NDA सहयोगी राज्यों के नेता, जिनमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी शामिल थे, उपस्थित रहे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि “बिहार फिर से विकास के रास्ते पर लौट आया है।”
यह भी पढ़ें – बंगाल SIR प्रक्रिया के बीच बांग्लादेशी व्यक्ति ने स्वीकारा – ‘ससुर के नाम से बनवाया भारतीय वोटर ID’
नीतीश कुमार के राजनीतिक करियर में नया अध्याय
देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्रियों में पहले ही शामिल नीतीश कुमार, यदि यह कार्यकाल पूरा करते हैं, तो सिक्किम के पवन चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
19 मंत्रियों ने भी ली शपथ, BJP को सबसे ज्यादा जगह
समारोह में कुल 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और दिलीप जायसवाल सबसे पहले शामिल हुए। चौधरी और सिन्हा पिछले कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं।
भाजपा ने संजय कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, लखेन्द्र रौशन, रामा निषाद, नारायण प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, अरुण शंकर प्रसाद, संजय ‘टाइगर’ सिंह और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट एमएलए श्रेयसी सिंह को भी मंत्री बनाया।
89 सीटें जीतने वाली BJP को सबसे ज्यादा, 10 मंत्री पद मिले।
यह भी पढ़ें – गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में 11 दिन की NIA कस्टडी में भेजा गया
जदयू और सहयोगियों को भी जगह
जदयू की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी और मोहम्मद जामा खान शामिल हुए।
छोटे सहयोगियों—चिराग पासवान की LJP, जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM—को एक-एक मंत्री पद मिला। RLM के दीपक प्रकाश और HAM के संतोष मांझी (दोनों MLC) को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।