पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चुनाव आयोग (EC) को पत्र लिखकर राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की। उन्होंने इसे “बेहद चिंताजनक” और “अव्यवस्थित” बताया।
CM ने सुरक्षा खतरे और अव्यवस्था पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि SIR को जबरन और असंगठित तरीके से चलाया जा रहा है, जिससे बूथ-लेवल अधिकारियों (BLOs) और नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
उन्होंने प्रशिक्षण की कमी, दस्तावेज़ों को लेकर भ्रम और कार्य समय के कारण BLOs के लिए मतदाताओं तक पहुंचने में कठिनाइयों को भी रेखांकित किया। बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में SIR के दबाव में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की कथित आत्महत्या का भी उल्लेख किया।
यह भी पढ़ें – स्टीव स्मिथ की टिप्पणी पर मोंटी पनेसर का पलटवार, ‘चीटर होने से अच्छा है GK कम होना’
उन्होंने EC से अपील की कि “इस प्रक्रिया को रोका जाए, दबाव कम किया जाए और पूरी कार्यप्रणाली व समयसीमा की समीक्षा की जाए।”
BJP का पलटवार — ‘TMC घबराई, फर्जी वोट हटने का डर’
BJP ने बनर्जी के पत्र को TMC की “बढ़ती घबराहट” करार दिया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि TMC वर्षों से अवैध घुसपैठ और फर्जी वोटरों से लाभ उठाती रही है, और SIR के दौरान साफ-सफाई उन्हें परेशान कर रही है।
IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि बनर्जी “2026 की संभावित हार से डरी हुई हैं।”
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि SIR एक नियमित प्रक्रिया है और बनर्जी के आरोप “राजनीति से प्रेरित” हैं।
यह भी पढ़ें – केंद्रीय बजट 2026–27 से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ट्रेड यूनियनों के साथ प्री-बजट बैठक
होना’
TMC का बचाव — ‘लोग मर रहे हैं, CM ने सही किया’
TMC नेता कुणाल घोष ने कहा कि CM ने उचित समय पर प्रतिक्रिया दी है, क्योंकि BLOs की मौतें चिंता का कारण हैं। उन्होंने BJP के दबाव में काम करने का EC पर आरोप लगाया और BSF की भूमिका पर सवाल उठाए।