पूर्व विधायक और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को मोकामा हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया प्रत्याशी अनंत सिंह को शनिवार देर रात जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। यह बिहार चुनावों से पहले की पहली बड़ी हिंसक घटना बताई जा रही है।
मोखामा में बढ़ा तनाव, अनंत सिंह गिरफ्तार
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि अनंत सिंह घटना स्थल पर अपने दो सहयोगियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के साथ मौजूद थे।
“पूरी घटना—पथराव, आगजनी और फायरिंग—उनकी मौजूदगी में हुई,” शर्मा ने देर रात प्रेस वार्ता में कहा।
यह गिरफ्तारी विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की मोकामा में प्रस्तावित रैली से कुछ घंटे पहले की गई। सिंह को बाढ़ के कारगिल बाजार स्थित आवास से हिरासत में लिया गया।
घटना का विवरण
पीड़ित दुलारचंद यादव (75), जो पूर्व आरजेडी नेता और स्थानीय दबंग थे, पर 30 अक्टूबर को जन सुराज पार्टी उम्मीदवार पियूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार करते समय हमला किया गया।
यादव के पोते द्वारा दर्ज एफआईआर में अनंत सिंह और उनके भतीजों सहित कई लोगों के नाम दर्ज हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि दुलारचंद की मौत फेफड़े फटने और पसलियों में फ्रैक्चर से हुई, जिससे संकेत मिलता है कि गोली लगने के बाद उन्हें किसी भारी वाहन से कुचला गया।
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पुलिस जांच और साक्ष्य
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि वीडियो फुटेज, चश्मदीद बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट में अनंत सिंह की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
“सबूतों से स्पष्ट है कि मृतक पर भारी वस्तु चढ़ाई गई। अनंत सिंह घटनास्थल पर मौजूद थे। अब तक 80 से अधिक लोगों को पथराव के आरोप में पकड़ा गया है,” कुमार ने कहा।
इलाके में भारी सुरक्षा, गवाहों में डर
मोकामा से बाढ़ तक अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। ततर गांव में चौबीसों घंटे पुलिस निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गवाहों को धमकाया जा रहा है।
“जो भी वीडियो या टीवी पर बोल रहा है, उसे घर से उठाया जा रहा है,” एक स्थानीय निवासी संजय यादव ने कहा।
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जातीय और राजनीतिक टकराव फिर उभरा
“छोटे सरकार” के नाम से मशहूर अनंत सिंह लंबे समय से मोकामा राजनीति के केंद्र में हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू से टिकट मिलने के बाद क्षेत्र में फिर भूमिहार–यादव संघर्ष की लकीरें गहरी हो गई हैं।
यहां सिंह का मुकाबला आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी (सूरजभान सिंह की पत्नी) से है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग की कार्रवाई
आरजेडी ने इस हत्या की निंदा करते हुए सरकार पर कानून व्यवस्था विफलता का आरोप लगाया।
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने पटना ग्रामीण एसपी और मोखामा रिटर्निंग ऑफिसर सहित कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया, यह कहते हुए कि उन्होंने आचार संहिता पालन में चूक की।
वहीं, अनंत सिंह के समर्थकों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया और कहा, “मोखामा की जनता इस बार भी न्याय दिलाएगी।”