बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उसके नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए नीतीश ने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं को “झूठे और भ्रामक वादों” के ज़रिए गुमराह कर रहा है।
राजद के शासनकाल पर नीतीश का प्रहार
नीतीश कुमार ने अपने बयान में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के 15 साल के शासनकाल को “भ्रष्टाचार और कुशासन का दौर” बताया। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार “राजकोष लूटने” में व्यस्त थी जबकि युवाओं के भविष्य की अनदेखी की गई। उन्होंने इस काल को “जंगलराज” करार दिया।
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यह हमला ऐसे समय आया है जब राजद ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रोजगार को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बना लिया है।
राजद के रोजगार वादे
तेजस्वी यादव ने युवाओं के लिए कई बड़े वादे किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- अनुबंधित कर्मचारियों और ‘जीविका दीदियों’ का स्थायीकरण।
- जीविका दीदियों के लिए ₹30,000 मासिक वेतन।
- हर परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी।
- सत्ता में आते ही 10 लाख नौकरियां देने का वादा।
राजद का दावा है कि यह कदम बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव को दूर करेगा।
एनडीए का पलटवार और उपलब्धियां
नीतीश कुमार ने एनडीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि:
- अब तक 9.6 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
- 2020 से अब तक लगभग 39 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
- बीपीएससी परीक्षा के तीन चरणों में 2.6 लाख शिक्षकों की भर्ती की गई है।
साथ ही, एनडीए ने 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है।
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दो विचारधाराओं की जंग
अब चुनावी मुकाबला दो नैरेटिव पर केंद्रित है —
- राजद का वादा: तेज़ी से नौकरी सृजन और त्वरित रोजगार।
- एनडीए का दावा: स्थिर शासन और निरंतर विकास।
“जंगलराज” की याद दिलाते हुए नीतीश कुमार ने मतदाताओं से स्थिरता और सुशासन के पक्ष में वोट देने की अपील की है।