कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के करीबी कर्नाटक के कई मंत्री और विधायक गुरुवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले। इस बैठक ने राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को और तेज कर दिया है।
बैठक देर रात खड़गे के आवास पर हुई, जिसके बाद पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर चर्चाएं फिर से गर्म हो गई हैं।
बैठक का एजेंडा गोपनीय
एएनआई द्वारा जारी वीडियो में नेता खड़गे के साथ चर्चा करते दिखाई दिए, लेकिन बैठक में क्या बात हुई, इस पर किसी ने आधिकारिक टिप्पणी नहीं की।
यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे किए हैं।
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फिर चर्चा में ‘रोटेशनल सीएम फॉर्मूला’
2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।
उस समय से ही ‘रोटेशनल चीफ मिनिस्टर’ फॉर्मूला की चर्चा जारी है, जिसके तहत कार्यकाल के मध्य में शिवकुमार को पद मिल सकता है। हालांकि, पार्टी ने इसकी कभी पुष्टि नहीं की।
सिद्धारमैया बोले: ‘कोई क्रांति नहीं, कोई भ्रांति नहीं’
पहले दिन, सिद्धारमैया ने सभी अटकलें ख़ारिज कर दीं और इसे “मीडिया की कल्पना” बताया।
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“कोई क्रांति नहीं है, कोई भ्रांति नहीं है। हमें पांच साल का जनादेश मिला है और हम पांच साल सरकार चलाएंगे,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि साढ़े दो साल पूरे होने के बाद कैबिनेट फेरबदल पर विचार की बात की थी, जिसके बाद ही पावर-शेयरिंग की चर्चा शुरू हुई।