दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर (AQI) के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने मारे गए माओवादी कमांडर मदवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाए।
एएनआई द्वारा साझा वीडियो में प्रदर्शनकारियों को “हिडमा अमर रहे” के नारे लगाते हुए और पोस्टर पकड़े दिखाया गया।
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कौन था मदवी हिडमा?
मदवी हिडमा भारत के सबसे कुख्यात माओवादी नेताओं में से एक था।
18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामाराजू ज़िले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
उस पर ₹1 करोड़ का इनाम था और वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
बीजेपी ने प्रदर्शनकारियों पर बोला हमला
बीजेपी ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “वामपंथी एजेंडा” से प्रेरित बताया।
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने लिखा:
“कई वर्षों तक दिल्ली में एक अर्बन नक्सल मुख्यमंत्री रहा, फिर भी प्रदूषण पर कोई बड़ा आंदोलन नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी, कथित कार्यकर्ता अचानक सड़कों पर आ गए — यह पर्यावरण चिंता नहीं, बल्कि वामपंथी राजनीति का प्रदर्शन है।”
उन्होंने कहा कि वही पुराने वामपंथी छात्र कार्यकर्ता हिडमा जैसे माओवादी को महिमामंडित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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सुरक्षा एजेंसियों के लिए वर्षों तक रहस्य था हिडमा का चेहरा
लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों के पास हिडमा की स्पष्ट पहचान नहीं थी।
उसके केवल रफ़ स्केच और वर्णन उपलब्ध थे।
सालों बाद, इस वर्ष पहली बार उसकी स्पष्ट तस्वीर सामने आई, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हो सकी।