राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित आतंकी साजिद जट्ट उर्फ सैफुल्लाह को पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। यह जानकारी सोमवार को दाखिल चार्जशीट में दी गई।
एनआईए के अनुसार, साजिद जट्ट लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का वरिष्ठ कमांडर है और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेज़िस्टेंस फ्रंट (TRF) के संचालन की देखरेख करता है, जिसने 22 अप्रैल के हमले की जिम्मेदारी ली थी।
पाकिस्तान की प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि
चार्जशीट में जट्ट को मास्टरमाइंड बताए जाने के साथ ही एनआईए ने कहा कि जांच से पाकिस्तान की प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने आई है। एजेंसी ने हैंडलर्स, फंडिंग नेटवर्क और निर्देशों का उल्लेख किया है, जिनका स्रोत पाकिस्तान पाया गया।
जांच में सामने आया कि जट्ट ने लक्ष्य चयन, समय निर्धारण और लॉजिस्टिक्स को एन्क्रिप्टेड माध्यमों से नियंत्रित किया।
लश्कर का मुखौटा संगठन है टीआरएफ
एनआईए ने दोहराया कि टीआरएफ, लश्कर-ए-तैयबा का ही मुखौटा संगठन है, जिसे 2019 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को स्थानीय दिखाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव, विशेष रूप से एफएटीएफ, से बचने के उद्देश्य से खड़ा किया गया।
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चार्जशीट का विवरण
1,597 पन्नों की चार्जशीट जम्मू की एनआईए विशेष अदालत में दाखिल की गई है, जिसमें सात आरोपियों को नामजद किया गया है। साजिद जट्ट के अलावा, इसमें तीन पाकिस्तानी आतंकियों—फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी—के नाम शामिल हैं, जिन्हें जुलाई में दाचीगाम में ऑपरेशन महादेव के दौरान ढेर किया गया था।
प्रतिबंधित LeT-TRF और आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और आर्म्स एक्ट के तहत, भारत के खिलाफ “युद्ध छेड़ने” से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
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गिरफ्तारियां और जांच
परवेज़ अहमद और बशीर अहमद जोथटद को 22 जून को आतंकियों को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। पूछताछ के दौरान, एनआईए के अनुसार, उन्होंने हमले में शामिल आतंकियों को लश्कर से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक बताया।
एनआईए ने कहा कि साजिश का पर्दाफाश आठ महीनों की वैज्ञानिक और फॉरेंसिक जांच के बाद किया गया है।