मुंबई के पवई इलाके में हुए छह दिन लंबे होस्टेज संकट का अंत पुलिस की सफल कार्रवाई से हुआ। आरोपी रोहित आर्या को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गोली मार दी, जबकि सभी 17 बच्चों और दो अन्य व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, आर्या ने RA स्टूडियो में एक फर्जी वेब सीरीज ऑडिशन का आयोजन किया था। उसने 100 से अधिक छात्रों को बुलाया और उनमें से 83 को जाने दिया, लेकिन 17 बच्चों और दो लोगों को बंधक बना लिया।
घटना की जानकारी दोपहर 1:45 बजे पुलिस को मिली। बातचीत विफल होने पर पुलिस बाथरूम की दिशा से स्टूडियो में दाखिल हुई। आर्या ने बच्चों को मानव ढाल बनाकर गोलीबारी की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। आर्या गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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कौन था रोहित आर्या?
रोहित आर्या नागपुर का रहने वाला यूट्यूबर और स्कूल शिक्षक था, जो मूल रूप से पुणे का था। उसने महाराष्ट्र शिक्षा विभाग से एक स्कूल परियोजना का ठेका हासिल किया था।
बाद में उसने तत्कालीन शिक्षा मंत्री दीपक केसारकर पर फंड रोकने का आरोप लगाते हुए कई विरोध मार्च निकाले। आर्या RA स्टूडियो में कर्मचारी भी था, जहां उसने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।
वीडियो बयान और मंशा
बंधक बनाए जाने के बाद आर्या ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें कहा गया था कि उसकी कुछ “नैतिक मांगें” हैं और वह कुछ लोगों से बात करना चाहता है। उसने कहा, “मैं आतंकवादी नहीं हूं, न पैसे चाहता हूं, न कुछ अनैतिक।”
पुलिस के अनुसार, आर्या मानसिक रूप से अस्थिर था और उसकी मंशा की जांच जारी है।
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सभी बच्चे सुरक्षित
सभी 17 बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें परिवारों से मिला दिया गया है। पुलिस अब आर्या के डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि साजिश के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।