कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को तमिलनाडु के करुर भगदड़ हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया, जिसमें अभिनेता विजय की रैली के दौरान 39 लोगों की मौत हो गई। थरूर ने इस त्रासदी को भारत की भीड़ प्रबंधन प्रणाली की गंभीर खामियों का कड़ा सबक बताया और तुरंत कदम उठाने की अपील की।
भीड़ सुरक्षा पर राष्ट्रीय नीति की जरूरत: थरूर
“यह दिल दहला देने वाला है। ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और फिर से होना हमारी विफलता दर्शाता है,” थरूर ने कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बड़े आयोजनों में शामिल आम लोगों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यवस्थित नीति बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मुद्दा यह है कि हम आम लोगों की सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय नीति क्या बना सकते हैं। लोग किसी नेता, फिल्म स्टार या क्रिकेटर को सुनने जाते हैं—लेकिन हर हाल में कुछ निश्चित नियम, मानक और प्रोटोकॉल लागू होने चाहिए।”
केंद्र और राज्यों से अपील
थरूर ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि वे कड़े भीड़ प्रबंधन नियमों पर सहमत हों ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।
उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से अपील करता हूं कि सभी सरकारें मिलकर ऐसे सख्त नियम बनाएँ जिससे हमें बार-बार अपनों की असमय मौत का शोक न झेलना पड़े।”
प्रधानमंत्री मोदी ने की राहत की घोषणा
इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स पर साझा किया: “तमिलनाडु के करुर में राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मृतकों के परिजनों को PMNRF से ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता दी जाएगी।”