दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को घोषणा की कि यमुना नदी पर छठ पूजा आयोजन पर लगा वर्षों पुराना प्रतिबंध अब हटा दिया गया है, जिससे इस साल राजधानी में भव्य उत्सव मनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
मुख्यमंत्री ने दी व्यवस्थाओं की जानकारी
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि सरकार यमुना के किनारे 17 मॉडल छठ घाट बना रही है और राजधानी में 1,000 से अधिक स्थानों पर टेंट, रोशनी, स्वच्छता और शौचालय की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा, “पहले सरकार छठ पूजा पर रोक लगाती थी, लेकिन इस बार हमारी सरकार ने यह प्रतिबंध हटा दिया है और सभी सुविधाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं।”
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इस बार होगा अब तक का सबसे बड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन अब तक के मुकाबले कहीं अधिक बड़ा होगा। “पिछले साल केवल 929 स्थानों पर छठ पूजा हुई थी। इस बार 1,000 से अधिक समितियों ने आयोजन के लिए आवेदन दिए हैं,” उन्होंने कहा।
हर जिले में बनेगा मॉडल घाट, होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
गुप्ता ने बताया कि हर जिले और उप-जिले में कम से कम एक मॉडल घाट बनाया जाएगा। भक्तों के स्वागत के लिए भव्य द्वार और पुष्पवर्षा की जाएगी। साथ ही भोजपुरी और मैथिली भाषाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
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छठ पूजा का महत्व
छठ पूजा सूर्य देव और छठी मइया को समर्पित एक प्रमुख पर्व है, जिसे बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के श्रद्धालु बड़े उत्साह से मनाते हैं। दिल्ली में इन राज्यों से आने वाले लोगों की बड़ी आबादी इस उत्सव में शामिल होती है।