गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मुख्य आरोपी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निष्कासित किए जाने के बाद बुधवार सुबह नई दिल्ली लाया जाएगा।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही NIA उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करेगी।
संगठित अपराध और उगाही मामलों में वांछित
अनमोल बिश्नोई पर बड़े पैमाने पर संगठित अपराध, उगाही, शूटर्स की तैनाती, मॉड्यूल की फंडिंग, विदेश से धमकी जारी करने और एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए टारगेट किलिंग ऑपरेशन चलाने के आरोप हैं।
उसके खिलाफ दर्ज सभी FIRs वर्तमान में NIA द्वारा जांच में हैं।
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पृष्ठभूमि: बाबा सिद्दीकी की हत्या
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को बांद्रा में उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कई सदस्यों की गिरफ्तारी इस मामले में हो चुकी है।
अनमोल सलमान खान के घर के बाहर अप्रैल 2024 में हुई फायरिंग का भी वांछित आरोपी है।
ट्रम्प सरकार के नियमों ने निर्वासन प्रक्रिया कैसे तेज की?
वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों के अनुसार, अनमोल का निष्कासन ट्रम्प-युग के नए आव्रजन नियमों का सीधा परिणाम है।
नए नियमों के अनुसार:
- पहली शरण या आव्रजन याचिका खारिज होने के बाद गैर-कानूनी प्रवासी को तुरंत हिरासत में लिया जाता है।
- बाइडन-युग का वह प्रावधान, जिसके तहत आवेदक नई याचिका लगाकर बाहर रह सकता था, खत्म कर दिया गया है।
- अब हिरासत अनिवार्य है, जिससे फरारी या सुनवाई से बचने की संभावना खत्म होती है।
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इन बदलावों के बाद अमेरिकी अदालतों ने अवैध प्रवासियों के मामलों की सुनवाई तेज कर दी है।
लगभग 10 साल लगने वाली प्रक्रिया अब लगभग 18 महीने में पूरी हो रही है।
अनमोल बिश्नोई, जो लगभग 1.5 वर्ष से अमेरिकी हिरासत में था, इसी तेज प्रक्रिया के तहत निष्कासित किया जा रहा है।
यह नीति सभी अवैध प्रवासियों पर समान रूप से लागू होती है।