उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2025–26 पेराई सीजन के लिए गन्ने का राज्य सलाहकार मूल्य (SAP) ₹30 प्रति क्विंटल बढ़ाने का ऐलान किया है। अब शीघ्र पकने वाली किस्म के गन्ने का भाव ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का ₹390 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
पिछली बार 2023–24 सीजन में ₹20 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 2024–25 में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस बार की बढ़ोतरी को किसानों के लिए दिवाली से पहले बड़ा तोहफा माना जा रहा है।
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सरकार ने किए रिकॉर्ड भुगतान के दावे
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, “गन्ना किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस निर्णय से किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा।”
उन्होंने बताया कि पारदर्शी खरीद और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्थाएं की गई हैं।
योगी सरकार का दावा है कि 2017 से अब तक गन्ना किसानों को ₹2.90 लाख करोड़ का भुगतान किया गया है, जो 2007 से 2017 के बीच एसपी और बीएसपी सरकारों द्वारा किए गए ₹1.47 लाख करोड़ भुगतान से लगभग दोगुना है।
आरएलडी और बीजेपी गठबंधन ने किया स्वागत
केंद्रीय मंत्री और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। पश्चिमी यूपी में जाट किसानों के बीच आरएलडी की मजबूत पकड़ को देखते हुए यह निर्णय राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
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गन्ना उद्योग में निवेश और एथेनॉल उत्पादन में बढ़ोतरी
राज्य में फिलहाल 122 चीनी मिलें संचालित हैं, जिससे यूपी देश में दूसरे स्थान पर है। सरकार के अनुसार, गन्ना उद्योग में ₹12,000 करोड़ का नया निवेश आकर्षित हुआ है।
पिछले आठ वर्षों में चार नई चीनी मिलें स्थापित की गईं, छह बंद मिलें पुनर्जीवित हुईं और 42 मिलों की क्षमता बढ़ाई गई।
एथेनॉल उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है — 410 मिलियन लीटर से बढ़कर अब 1,820 मिलियन लीटर तक पहुंच गया है। गन्ना रकबा 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 30 लाख हेक्टेयर हो गया है, जिससे यूपी देश में गन्ना और एथेनॉल उत्पादन दोनों में शीर्ष पर बना हुआ है।