भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) सितंबर 2025 में 4% बढ़ा, जो अगस्त के समान स्तर पर रहा।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में IIP का त्वरित अनुमान 152.8 रहा, जबकि एक साल पहले यह 146.9 था।
विनिर्माण में बढ़त, खनन में मामूली गिरावट
तीन प्रमुख क्षेत्रों में से विनिर्माण क्षेत्र में 4.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बिजली उत्पादन में 3.1% की वृद्धि हुई।
खनन उत्पादन में हालांकि 0.4% की मामूली गिरावट आई।
विनिर्माण के 23 उद्योग समूहों में से 13 में सकारात्मक वृद्धि हुई, जिनमें प्रमुख हैं:
- इलेक्ट्रिकल उपकरण – 28.7%
- मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर – 14.6%
- बेसिक मेटल्स – 12.3%
इन क्षेत्रों की वृद्धि का श्रेय माइल्ड स्टील शीट्स, ट्रांसफार्मर, इलेक्ट्रिक हीटर और ऑटो कंपोनेंट्स के बढ़े उत्पादन को दिया गया है।
उपयोग आधारित विश्लेषण: बुनियादी ढांचा और उपभोक्ता वस्तुएं आगे
उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार:
- बुनियादी ढांचा/निर्माण वस्तुएं – 10.5%
- उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं – 10.2%
- मध्यवर्ती वस्तुएं – 5.3%
- पूंजीगत वस्तुएं – 4.7%
- प्राथमिक वस्तुएं – 1.4%
- उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुएं – 2.9% गिरावट
डेटा की विश्वसनीयता और आर्थिक संकेत
सितंबर के लिए भारित प्रतिक्रिया दर 88.67% और अगस्त के लिए 92.61% रही, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता बनी रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, 4% की निरंतर वृद्धि यह दर्शाती है कि विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में घरेलू मांग और आपूर्ति सुधार के कारण स्थिर गति बनी हुई है।
अगले महीने का IIP डेटा, यानी अक्टूबर 2025 का आंकड़ा, 28 नवंबर 2025 को जारी किया जाएगा।