होश में आने के बाद गिरफ्तारी
सिडनी के बॉन्डी बीच आतंकी हमले के आरोपी 24 वर्षीय नावीद अकरम को कोमा से बाहर आने के बाद 59 आपराधिक मामलों में चार्ज किया गया है, जिनमें 15 हत्या के आरोप शामिल हैं, ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने बताया।
यह हमला 14 दिसंबर को यहूदी त्योहार हनुक्का के दौरान हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। हमले में नावीद के पिता साजिद अकरम भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस कार्रवाई में मार गिराया गया।
आरोपों का विवरण
पुलिस के अनुसार, नावीद अकरम पर हत्या के प्रयास, प्रतिबंधित आतंकी प्रतीकों के सार्वजनिक प्रदर्शन, और किसी इमारत के पास विस्फोटक रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा मानसिक रूप से सक्षम घोषित किए जाने के बाद अकरम को अस्पताल में ही गिरफ्तार किया गया। वह बिस्तर पर ही अदालत में पेश किया जाएगा।
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पीड़ितों को श्रद्धांजलि
इस बीच, हजारों लोग बॉन्डी पवेलियन में एकत्र होकर 1996 के बाद ऑस्ट्रेलिया की सबसे घातक गोलीबारी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
हमले के मद्देनज़र बॉन्डी बीच पर न्यू ईयर ईव के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
यहूदी समुदाय में शोक
हमले के पहले पहचाने गए पीड़ित रब्बी एली श्लांगर के अंतिम संस्कार में भावुक दृश्य देखने को मिले। बॉन्डी स्थित चाबाद के रब्बी लेवी वोल्फ ने इसे यहूदी समुदाय के लिए “अवर्णनीय क्षति” बताया।
नेताओं ने कहा कि इस हमले ने ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, पूरी दुनिया को झकझोर दिया है और यहूदी विरोधी हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विदेश यात्रा की जांच
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी नावीद और उसके पिता की फिलीपींस यात्रा की भी जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों 1 नवंबर से 28 नवंबर के बीच फिलीपींस में थे।
अधिकारियों ने बताया कि साजिद अकरम भारतीय पासपोर्ट, जबकि नावीद अकरम ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था। दोनों देशों की एजेंसियां संभावित आतंकी संबंधों की जांच में सहयोग कर रही हैं।
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कट्टरपंथ और खुफिया एजेंसियों की भूमिका
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने कहा कि दोनों आरोपी इस्लामिक स्टेट विचारधारा से कट्टरपंथी हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि नावीद अकरम 2019 में खुफिया एजेंसियों के संपर्क में आया था, लेकिन उस समय उसे तात्कालिक खतरा नहीं माना गया था।
मामले की जांच अभी जारी है।