केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को नई दिल्ली में ट्रेड यूनियनों और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ प्री-बजट परामर्श की 10वीं बैठक की। यह वार्षिक प्रक्रिया आगामी केंद्रीय बजट 2026–27 की तैयारी का हिस्सा है।
मज़दूर संगठनों का वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार पर जोर
बैठक के दौरान श्रमिक संगठनों ने वेतन वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन और श्रमिक कल्याण से जुड़ी मांगें सरकार के सामने रखीं।
बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, वित्त मंत्रालय और श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा मुख्य आर्थिक सलाहकार भी मौजूद रहे।
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विभिन्न क्षेत्रों के साथ लगातार हो रही हैं बैठकों
अब तक सरकार अर्थशास्त्रियों, किसानों, पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, आईटी उद्योग, BFSI, विनिर्माण क्षेत्र, स्टार्टअप्स, पूंजी बाजार और MSMEs के साथ नौ चरणों की बैठकें कर चुकी है।
सीतारमण अपना नौवां लगातार बजट 1 फरवरी को पेश करेंगी, जो वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% शुल्क की पृष्ठभूमि में आएगा।
आईटी क्षेत्र से बातचीत में AI व्यवधान और कौशल विकास पर चर्चा
बुधवार को मंत्री ने 280 अरब डॉलर के भारतीय आईटी उद्योग के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक की।
इस बैठक में गूगल इंडिया की प्रीति लोबाना, कॉग्निजेंट इंडिया के सीएमडी राजेश वऱियर, नासकॉम चेयरपर्सन और SAP लैब्स इंडिया की एमडी सिंधु गंगाधरन सहित कई उद्योग प्रमुख शामिल हुए।
बैठक में भारत में कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने और AI आधारित स्किलिंग को तेज करने पर चर्चा हुई।
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स्टार्टअप्स ने उठाया ESOP टैक्स सुधार का मुद्दा
एक दिन पहले स्टार्टअप संस्थापकों के साथ हुई बैठक में BoAt के सह-संस्थापक अमन गुप्ता ने ESOP टैक्सेशन को सरल बनाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि इससे टीमों में संपत्ति निर्माण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
गुप्ता ने लिखा—“पहली बार स्टार्टअप्स को इस मंच पर बुलाया गया। यह पूरे इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा क्षण था।”