यूके-आधारित रक्षा दलाल संजय भंडारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ नई चार्जशीट दायर की है। इस मामले में पहली बार वाड्रा को औपचारिक तौर पर आरोपी बनाया गया है।
वाड्रा सहित नौ लोगों पर आरोप
चार्जशीट में वाड्रा के अलावा संजय भंडारी, सुमित छड्डा, संजीव कपूर, अनिरुद्ध वाधवा, सैंटेक इंटरनेशनल FZC, ऑफसेट इंडिया सॉल्यूशंस FZC, शमलान ग्रोस-1 इंक और चेर्वथुर चक्कुट्टी थंपी को भी आरोपी बनाया गया है।
मामले पर सुनवाई 6 दिसंबर को होगी।
यह कार्रवाई वाड्रा का बयान PMLA के तहत जुलाई में दर्ज किए जाने के बाद हुई। पिछले महीने ED ने उन्हें दो बार बुलाया था, लेकिन उन्होंने पहले बीमारी और बाद में विदेश यात्रा की अनुमति मिलने का हवाला देकर स्थगन मांगा।
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क्या है मामला?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति वाड्रा के खिलाफ ED की तीन मनी लॉन्ड्रिंग जांचें चल रही हैं, जिनमें से दो हरियाणा और राजस्थान में भूमि सौदों में अनियमितताओं से जुड़ी हैं। अप्रैल में 2008 के हरियाणा भूमि सौदे को लेकर उनसे तीन दिन पूछताछ की गई थी।
वर्तमान मामला ED की 2023 की जांच से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया था कि संजय भंडारी ने 2009 में 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर, लंदन में एक संपत्ति खरीदी और उसका नवीनीकरण “वाड्रा के निर्देशों के अनुसार” किया गया। ED का आरोप है कि नवीनीकरण के लिए धन वाड्रा ने उपलब्ध कराया।
वाड्रा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उनका लंदन में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपत्ति नहीं है और मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
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संजय भंडारी घोषित हुआ भगोड़ा
भंडारी 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद भारत से फरार हो गया था। इस वर्ष एक दिल्ली अदालत ने उसे आर्थिक अपराधों का भगोड़ा घोषित किया। यूके कोर्ट द्वारा भारत की अपील खारिज किए जाने के बाद उसके प्रत्यर्पण की संभावना काफी कम हो गई है।