बांग्लादेश में गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के मामले में संभावित फैसले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अवामी लीग ने पूरे देश में एक दिवसीय बंद का आह्वान किया है।
शेख हसीना पर फैसला जल्द
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) गुरुवार को शेख हसीना से जुड़े मामले में फैसले की तारीख की घोषणा करेगा। पूर्व प्रधानमंत्री पर जुलाई 2024 के विद्रोह से जुड़े हत्या और मानवता विरोधी अपराधों के गंभीर आरोप हैं।
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देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
देशभर में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। हवाई अड्डों, सरकारी प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
गृह सलाहकार जहांगिर आलम चौधरी ने कहा, “हमने गश्त बढ़ा दी है, प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा कड़ी की है और सड़कों पर ईंधन बिक्री पर रोक लगाई है।”
अवामी लीग का राजनीतिक प्रदर्शन
पूर्व मंत्री और अवामी लीग नेता मोहिबुल हसन चौधरी ने एक न्यूज़ चैनल से कहा, “हमारा उद्देश्य यूनुस शासन के खिलाफ शांतिपूर्ण असहयोग आंदोलन के जरिए जनता की एकजुटता दिखाना है। लोग स्वेच्छा से घरों में रहकर इस अवैध सरकार का बहिष्कार कर रहे हैं।”
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पार्टी की रणनीतिक दिशा
अवामी लीग का यह आंदोलन पार्टी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। कई वरिष्ठ नेताओं के निर्वासन में होने के बावजूद पार्टी अपनी ताकत दोबारा दिखाने की कोशिश कर रही है।
शेख हसीना ने पिछले कुछ महीनों से अपने कार्यकर्ताओं को वर्चुअल संदेशों के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा है कि वे “भागीदारीपूर्ण लोकतंत्र बहाल होने के बाद” ही देश लौटेंगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आंदोलन अवामी लीग के राजनीतिक अस्तित्व को पुनः स्थापित करने का प्रयास है।