केंद्र सरकार ने बुधवार को 10 नवंबर को लाल किले के पास हुई कार विस्फोट घटना को आधिकारिक रूप से आतंकी हमला घोषित करते हुए इसे “घिनौनी, कायराना और निंदनीय घटना” बताया, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
यह पहली बार है जब केंद्र ने इस धमाके को आतंकी घटना के रूप में स्वीकार किया है, और जांच को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
कैबिनेट का शोक संदेश और निंदा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल द्वारा पारित प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा,
“10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास हुई कार ब्लास्ट एक घिनौनी आतंकी घटना थी, जिसे राष्ट्रविरोधी ताकतों ने अंजाम दिया।”
कैबिनेट ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
“मंत्रिमंडल घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है और डॉक्टरों व आपातकर्मियों के त्वरित प्रयासों की सराहना करता है,” प्रस्ताव में कहा गया।
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आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराई
केंद्र ने अपने प्रस्ताव में कहा कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर अडिग है।
“मंत्रिमंडल इस कायराना कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है, जिसने निर्दोष नागरिकों की जान ली। भारत अपनी भूमि से आतंकवाद समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
कैबिनेट ने दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिले एकजुटता संदेशों का स्वागत किया।
जांच में तेजी और उच्चस्तरीय निगरानी
केंद्र ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि इस मामले की जांच अत्यधिक तत्परता और पेशेवर तरीके से की जाए ताकि दोषियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जा सके।
“घटना की स्थिति पर सरकार के उच्चतम स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है,” प्रस्ताव में कहा गया।
पृष्ठभूमि: लाल किला ब्लास्ट की जांच
सोमवार शाम, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक धीमी गति से चल रही कार में विस्फोटक डिवाइस फटने से 12 लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
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राष्ट्रीय राजधानी में एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हाई अलर्ट जारी है।
इस मामले में हरियाणा के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टरों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एजेंसियों को शक है कि इनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल से है।