भारत की तीनों सेनाओं के संयुक्त युद्धाभ्यास त्रिशूल ने पाकिस्तान को बेचैन कर दिया है। 3 नवंबर से शुरू यह अभ्यास भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त तैयारी का प्रदर्शन है।
अभ्यास अरब सागर से लेकर आसमान तक फैला हुआ है और पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन टीटीपी की बढ़ती गतिविधियों के बीच हो रहा है।
डीजी आईएसपीआर का बयान: ‘हमारा जवाब और मजबूत होगा’
पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा,
“भारत को पता होना चाहिए कि इस बार हमारा जवाब और मजबूत होगा।”
उन्होंने दावा किया कि भारत “अरब सागर में एक और झूठा हमला (फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन)” की तैयारी कर रहा है, हालांकि उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया।
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भारतीय सूत्रों का दावा: ‘रणनीतिक घबराहट में पाकिस्तान’
भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की प्रतिक्रिया उसकी आंतरिक अस्थिरता और रणनीतिक घबराहट को दर्शाती है।
“आईएसपीआर का बयान घरेलू एकता दिखाने का प्रयास है जबकि देश के अंदर हालात बिगड़ चुके हैं,” सूत्रों ने कहा।
टीटीपी लड़ाकों के इस्लामाबाद तक पहुंचने और बलूच हमलों के बीच पाकिस्तान की सेना दबाव में है।
‘त्रिशूल 2025’ अभ्यास: उद्देश्य और महत्व
त्रिशूल 2025 भारत का अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो रहा है। इसका उद्देश्य बहु-क्षेत्रीय युद्धक क्षमता, त्वरित तैनाती और समुद्री प्रभुत्व को परखना है। यह अभ्यास 13 नवंबर तक चलेगा।
पाकिस्तान ने एयरस्पेस किया बंद
भारत के इस अभ्यास से चिंतित होकर पाकिस्तान ने लगातार दो नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) जारी किए हैं, जिनमें देश के दक्षिणी और तटीय हिस्सों के बड़े क्षेत्रों में हवाई उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह 1 से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।
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अफगान सीमा पर झड़पें और टीटीपी संकट
डीजी आईएसपीआर ने हाल ही में अफगानिस्तान के साथ हुई झड़पों पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई में 206 अफगान लड़ाके और 112 टीटीपी आतंकी मारे गए।
उन्होंने कहा, “टीटीपी, अफगान तालिबान की शाखा है। हम आतंकियों से कोई बातचीत नहीं करेंगे। यदि अफगान तालिबान शांति भंग करता है, तो हमें जवाब देने का अधिकार है।”