पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दोहराया है कि भारत अफगानिस्तान को “प्रॉक्सी” के रूप में इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ “दो मोर्चों वाला युद्ध” छेड़ रहा है, हालांकि उन्होंने इसका कोई सबूत पेश नहीं किया।
जियो न्यूज से बातचीत में आसिफ ने कहा कि भारत पाकिस्तान को उसके पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर व्यस्त रख रहा है। उन्होंने यह टिप्पणी हाल ही में डूरंड रेखा के पास हुई झड़पों और काबुल में हुए हवाई हमलों के संदर्भ में की, जो 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से सबसे गंभीर टकराव रहे हैं।
‘दिल्ली से नियंत्रित हो रहा है काबुल’
आसिफ ने कहा, “भारत अशरफ गनी के दौर से ही पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी युद्ध छेड़े हुए है। अगर जरूरत पड़ी तो हम सबूत पेश करेंगे। भारत चाहता है कि पाकिस्तान दो मोर्चों पर उलझा रहे।”
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उन्होंने आगे डॉन अखबार से बातचीत में कहा, “काबुल में जो लोग डोर खींच रहे हैं और कठपुतली नचा रहे हैं, वे दिल्ली से नियंत्रित हैं।”
70 लोगों की मौत के बाद तुर्की और कतर ने कराई सुलह
9 अक्टूबर को काबुल में हुए धमाकों के बाद भड़की हिंसा में 70 से अधिक लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। बाद में तुर्की और कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ।
तालिबान प्रशासन ने धमाकों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि इस्लामाबाद ने दावा किया कि अफगानिस्तान भारत के इशारे पर काम कर रहा है।
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आईएस-खोरासन की मौजूदगी पर भी आरोप
तालिबान ने पाकिस्तान पर इस्लामिक स्टेट-खोरासन (IS-K) के आतंकियों को शरण देने का भी आरोप लगाया है। यह संगठन अफगानिस्तान, पाकिस्तान और मध्य एशिया में सक्रिय है और मार्च 2024 में मॉस्को कॉन्सर्ट हॉल पर हमले में 150 लोगों की हत्या कर चुका है।
इन आपसी आरोपों के बावजूद पाकिस्तान का कहना है कि काबुल पर भारत का प्रभाव ही दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की मुख्य वजह है।