राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला वायुसेना अड्डे पर राफेल लड़ाकू विमान में 30 मिनट की उड़ान भरी। इस दौरान उनके साथ स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह मौजूद थीं, जो भारत की पहली और एकमात्र महिला राफेल पायलट हैं। यह तस्वीर पाकिस्तान के उस झूठे दावे को खारिज करती है, जिसमें कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शिवांगी सिंह को बंदी बना लिया गया था।
शिवांगी सिंह: भारत की पहली महिला राफेल पायलट
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली शिवांगी सिंह को 2017 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। वह महिलाओं के दूसरे बैच की हिस्सा थीं और 2020 में उन्हें राफेल पायलट के रूप में चुना गया। राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा के दौरान शिवांगी ने उन्हें राफेल विमान की विशेषताओं और संचालन से अवगत कराया।
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का फेक प्रोपेगेंडा
ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें भारत ने पाहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, उस दौरान पाकिस्तान ने झूठा दावा किया था कि भारत के कई विमान गिराए गए और शिवांगी सिंह को सियालकोट के पास कैद कर लिया गया।
बाद में एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह शिवांगी के घर गए थे। सरकार ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए स्पष्ट किया कि यह 14 अगस्त 2025 की फुटेज थी, जब वायुसेना प्रमुख शहीद सार्जेंट सुरेंद्र कुमार के परिवार से मिलने झुंझुनू, राजस्थान गए थे।
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भारत ने किया झूठ का खंडन
भारतीय वायुसेना ने सभी अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में शामिल सभी पायलट सुरक्षित हैं।
वायुसेना संचालन महानिदेशक एयर मार्शल भारती ने कहा—
“हमारा मिशन सफल रहा और आतंकवादी ठिकाने नष्ट कर दिए गए। हानि की जानकारी साझा करना उचित नहीं क्योंकि हम अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं।”
राष्ट्रपति मुर्मू का राफेल उड़ान भरना और शिवांगी सिंह के साथ तस्वीर खिंचवाना भारत की सामरिक शक्ति और पाकिस्तान के दुष्प्रचार के खिलाफ एक मजबूत जवाब माना जा रहा है।