अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि उसने पाकिस्तान के साथ पूर्ण संघर्षविराम (Ceasefire) पर सहमति जताई है और सभी विवादों को संवाद के माध्यम से सुलझाने का निर्णय लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते सीमा तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।
समझौते की प्रमुख शर्तें
अफगान प्रशासन द्वारा जारी बयान के अनुसार, समझौते में पूरी तरह से हमले रोकने, पारस्परिक सम्मान बनाए रखने, और एक-दूसरे की सुरक्षा बलों, नागरिकों और ढांचे पर हमले रोकने का प्रावधान शामिल है। दोनों देशों ने सभी विवादों को द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से हल करने की प्रतिबद्धता जताई है।
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तनाव की पृष्ठभूमि
दोनों देशों के बीच तनाव तब बढ़ा जब 9 अक्टूबर को काबुल में हुए विस्फोटों के लिए तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे सीमा पर झड़पें हुईं और दोनों ओर सैनिकों व नागरिकों की मौतें हुईं।
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अस्थायी संघर्षविराम से स्थायी समझौते तक
पिछले बुधवार को 48 घंटे का अस्थायी संघर्षविराम लागू किया गया था, जिसके बाद रविवार को दूसरा संघर्षविराम हुआ जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए — जिनका काबुल ने खंडन किया।
अब घोषित पूर्ण संघर्षविराम दोनों देशों के बीच स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।