प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ दीवाली मनाई। उन्होंने इसे साहस और देशभक्ति का प्रतीकात्मक और यादगार क्षण बताया।
“आज का दिन अद्भुत और अविस्मरणीय है। एक ओर सागर है और दूसरी ओर भारत मां के वीर सपूतों की शक्ति,” प्रधानमंत्री ने कहा।
‘आईएनएस विक्रांत ने पाकिस्तान की नींद हराम कर दी’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आईएनएस विक्रांत भारत की समुद्री शक्ति और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “आईएनएस विक्रांत का नाम ही पाकिस्तान की नींद उड़ा देता था। अगर सिर्फ नाम से दुश्मन की हिम्मत डगमगा जाए, तो यही है आईएनएस विक्रांत।”
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सेनाओं के समन्वय ने पाकिस्तान को शीघ्र आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया।
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‘आत्मनिर्भर भारत’ का प्रतीक विक्रांत
प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनएस विक्रांत को “आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का गौरवपूर्ण प्रतीक” बताया।
उन्होंने कहा, “विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं, बल्कि 21वीं सदी के भारत की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प का प्रमाण है।”
‘नौसेना के जोश और देशभक्ति से प्रभावित हूं’
पीएम मोदी ने कहा, “आईएनएस विक्रांत पर बिताई गई रात अविस्मरणीय रही। मैंने हमारे नौसैनिकों की ऊर्जा, अनुशासन और समर्पण को महसूस किया।”
उन्होंने कहा, “ये जहाज भले ही लोहे के बने हों, लेकिन इन्हें चलाने वाले जवानों का साहस इन्हें जीवंत शक्ति में बदल देता है।”
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‘भारत की सैन्य क्षमता पर गर्व
प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारे युद्धपोत, तेज गति वाले विमान और पनडुब्बियां भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक हैं, लेकिन इन्हें वास्तव में अजेय बनाती है हमारे सैनिकों की वीरता।”
‘विक्रांत विशाल, अद्भुत और विशिष्ट है’
प्रधानमंत्री ने कहा, “विक्रांत विशाल है, व्यापक है और अद्भुत है। यह भारत के आत्मविश्वास और गौरव का प्रतीक है।”